सोमनाथ मंदिर को इतनी बार लुटा गया था कि लुटनेवाले विश्व पर राज करने लगे थे.
लेकिन इस मंदिर को जितनी बार भी लुटा गया था उसके बाद यह उतना ही ज्यादा अधिक धनवान होता जा रहा था. असल में भक्तों का प्यार इस मंदिर के प्रति बढ़ता ही जा रहा था.
आज मंदिर अपने महत्त्व को बरकरार रखे हुए हैं और सोमनाथ मंदिर की महिमा और भी ज्यादा बढ़ चुकी है. आज हम आपको तस्वीरों के द्वारा सोमनाथ मंदिर के दर्शन कराने वाले हैं.
कहते हैं कि शिव के इस सोमनाथ मंदिर को अगर तस्वीरों में भी देख लिया जाये तो उसके भाग्य बदल जाते हैं-
1. सोमनाथ मंदिर हिन्दू धर्म के 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है. भारत का सबसे धनवान मंदिर कभी सोमनाथ का ही मंदिर था.
2. सोमनाथ के शिवलिंग को कुछ 17 बार लूटे जाने की बात, हमारा इतिहास कहता है. लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि मंदिर लूटा गया और तोड़ा गया किन्तु आज भी वह शान से खड़ा हुआ है.
3. इतिहास की किताबें कहती हैं कि पहली बार इस मंदिर के शिवलिंग को सन 1026 में तोड़ने का प्रयास किया गया था और इसके बाद सन 1300 में एक बार फिर से शिवलिंग विखंडित करने की कोशिश की गयी थी.
4. सोमनाथ मंदिर के पुनः निर्माण में सरदार पटेल की बड़ी भूमिका रही है. ऐसा बोला जाता है कि अगर वह ना होते तो देश की सरकार सोमनाथ का निर्माण नहीं कराती.
5. मंदिर के दक्षिण में समुद्र के किनारे एक स्तंभ है. उसके ऊपर एक तीर रखकर संकेत किया गया है कि सोमनाथ मंदिर और दक्षिण ध्रुव के बीच में पृथ्वी का कोई भूभाग नहीं है. मंदिर के पृष्ठ भाग में स्थित प्राचीन मंदिर के विषय में मान्यता है कि यह पार्वती जी का मंदिर है.
6. जब लुटेरे मंदिर को लुटने आये थे तो उनको यहाँ एक मूर्ति दिखी थी जो हवा में बिना किसी सहारे के थी. इस प्रतिमा को देख सही को काफी आश्चर्य हुआ था. असल में इसके पीछे चुम्बकीय गणित था और भारत के लोगों के बीच यह सालों से विद्वान था.
7. ऐसा बोला जाता है कि अगर कोई व्यक्ति सच्चे दिल से यहाँ आकर शिव से कोई चीज मांगता है तो वह निराश नहीं लौटता है.
8. सोमनाथ मंदिर का महत्त्व इसी बात से पता चल जाता है कि हिन्दू शास्त्र ऋग्वेद में भी सोमनाथ के मंदिर का जिक्र है.
9. 11 मई 1951 को उस समय के राष्ट्रपति स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद जी द्वारा वर्तमान मूर्ति की स्थापना की गयी थी.
10. एक शास्त्र कहानी यह भी कहती है कि सर्वप्रथम सोमनाथ मंदिर का यहाँ निर्माण खुद चंद्रमा ने, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कराया था.
तो अब आप जीवन में एक तो कम से कम सोमनाथ के मंदिर में जरूर जायें क्योकि जो यहाँ एक बार जाता है वह यहाँ बार-बार खुद चला आता है.
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