मर्दों की आबादी – भले ही आज देश और समाज ने तरक्की कर ली हो लेकिन आज भी ज्यादातर लोग बेटियों की जगह बेटे को जन्म देने के बारे में चिंतित होते हैं। इस वजह से दुनिया में मर्दों की आबादी महिलाओं की तुलना में काफी ज्यादा है। हालांकि, सरकार इस अनुपात को कम करने की बहुत कोशिशें कर रही है और इसमें थोड़ा बदलाव भी आया है।
आज पुरुष प्रधान समाज का प्रभुत्व है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर धरती पर पुरुष ही नहीं हुए तो क्या होगा। मर्दों की आबादी अगर कम हो गई तो जिंदगी कैसी होगी।
तो चलिए जानते हैं कि मर्दों की आबादी के बिना धरती का नज़ारा कैसा होगा।
- महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा एंटरटेन कोई नहीं कर सकता है। लड़कियां अपने मेल पार्टनर के साथ सबसे ज्यादा खुश रहती हैं और मस्ती करती हैं। अगर लड़के ही नहीं रहेंगें तो धरती पर लड़कियों की लाइफ से जैसे मस्ती ही गायब हो जाएगी।
- मर्दों के ना होने से सबसे बड़ा फायदा तो यही होगा कि रेप नहीं होंगें और लड़कियों को हैरेमेंट का शिकार नहीं होना पड़ेगा। इस तरह लड़कियां लड़कों की गैर-मौजूदगी में खुलकर सांस ले पाएंगीं।
- महिलाओं की सेक्शुअल मुश्किलें कम हो जाएंगी। हालांकि, इससे कैट फाइट में जरूर बढ़ोत्तरी होगी। वैसे भी आप तो जानते ही हैं कि लड़कियां कैट फाइट कितने अच्छे से करती हैं।
- जब मर्द ही नहीं होंगें तो महिलाओं को घर देर से जाने में भी दिक्कत नहीं होगी। वो खुद को पूरी तरह से सेफ महसूस करेंगीं। उन पर समय की कोई पाबंदी नहीं होगी।
- हो सकता है कि वर्ल्ड वार से भी दुनिया को छुटकारा मिल जाए क्योंकि अकसर ऐसा माना जाता है कि महिलाएं अपने कंपेटिटर को नज़रअंदाज़ कर देती हैं और ऐसे में कोई लड़ाई ही नहीं होगी।
- पुरुषों को नशे और ड्रग्स की लत ज्यादा होती है। पुरुषों के ना होने पर महिलाएं भी इसका इस्तेमाल कम ही करेंगीं। इसके साथ ही मर्दों के कम होने पर यौन रोगों में भी कमी आएगी। इस तरह दुनिया को एड्स और एसटीडी जैसी बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा।
- सबसे बड़ी बात है कि इससे धरती पर वेश्यावृत्ति खत्म हो जाएगी। महिलाएं मर्दों की कामवासना को पूरा करने के लिए रह गई हैं लेकिन जब मर्द ही नहीं होंगें तो वेश्यावृत्ति भी खत्म हो जाएगी।
वैसे तो ऐसा हो पाना संभव नहीं है क्योंकि स्त्री और पुरुष दोनों ही इस संसार का आधार हैं और उनके बिना ये जीवन और संसार की कल्पना नहीं की जा सकती है। फिर भी मन को बहलाने के लिए आप ऐसी कल्पना तो कर ही सकते हैं। आप चाहे पुरुषों से जितना भी परेशान हों या आपको लगता हो कि इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के अधिकारों का हनन होता है लेकिन फिर भी एक पुरुष के बिना स्त्री का जीवन अधूरा माना जाता है।
मर्दों की आबादी – सफल और संपूर्ण जीवन के लिए स्त्री और पुरुष का एकसाथ होना जरूरी है और यही प्रकृति का नियम भी है जिसका पालन हर कोई करता है और हमें और आपको भी करना है। इससे कोई भी इनकार नहीं कर सकता है।