गुरु दत्त, संजय लीला भंसाली, सुभाष घई, अनुराग कश्यप और बिमल रॉय के साथ-साथ एक और निर्देशक हैं जिन्हें हम हमेशा भूल जाते हैं.
वे निर्देशक हैं ‘कांती शाह’.
कांती शाह के साथ-साथ और भी कई निर्देशक रह चुके हैं जिन्होंने बॉलीवुड को एक बिलकुल ही नई पहचान दी और उन्होंने ये किया अपनी फिल्मों के ज़रिए, जिन्हें कहते हैं B-ग्रेड और C-ग्रेड फिल्में.
हम आपके सामने लाए हैं वे 9 B-grade फिल्में जिन्होंने स्वयं B-grade और C-grade सिनेमा को एक नई पहचान दी.
1) अंगूर.
निर्देशक- काँती शाह.
2) गुंडा.
निर्देशक- काँती शाह.
3) लोहा.
निर्देशक-काँती शाह.
4) रेशमा की जवानी.
निर्देशक- तुलसी दास.
5) बीवी तुम्हारी, बच्चे हमारे.
निर्देशक- संजय धीमान.
6) तम्बू में बम्बू.
निर्देशक- दिल कुमार.
7) गरम.
निर्देशक- काँती शाह.
8) रंगा खुश
निर्देशक- जोगिन्दर शैली.
9) फ्री एंट्री
निर्देशक- काँती शाह.
तो ये थीं वे 9 सबसे मशहूर B-ग्रेड फिल्में जिन्होंने 1970 के ज़माने से लेकर आज तक लोगों को अपनी तरफ रिझाए रखा है.
क्या इन फिल्मों का कोई अंत होगा या ये फिल्में बस यूँ ही चलती रहेंगी, ये सब तो केवल वक़्त को पता है.
लेकिन एक तरफ से देखा जाए तो ऐसी फिल्में, एक ज़रूरत में तब्दील हो जाती हैं. आखिर आप कब तक कारण जोहर की फिल्मों का फॅमिली ड्रामा, या अनुराग कश्यप की सीरियस फिल्में देखते रहेंगे.
मुझे यकीन है कि आखिर में यही फिल्में काम आएंगी.
पढने के लिए धन्यवाद!!!